कुछ अजीब से रिश्ते

??ललित छंद??
कुछ अजीब सी ये दुनिया है,
कुछ अजीब से रिश्ते।
कुछ बन जाते दोस्त यहां पे,
तो कुछ बने फरिश्ते।।
कोई याद जख्म के जैसे,
कोई मरहम जैसे।
कहीं दर्द का रिश्ता होता,
कही प्यार के रिश्ते।।

कुछ रिश्ते दिल से जुड़ जाते,
कुछ मतलब के होते।
निभे सात जन्मों के होते ,
विश्वास भरी रिश्ते।।।
कुछ सुलझे अनसुलझे होते,
रिश्तों के ये धागे।
कुछ लम्बे दूरी तक चलते,
पल में टूटे रिश्ते।।

कुछ खून से जुड़े होते हैं,
कुछ इज्जत के होते।
कहीं सूत कच्चे धागे के,
प्रेम – प्यार के रिश्ते।।
हर्ष की शुभकामनाओ से,
जो मन को हुलसाते।
कई रंग में रंगे दिखते,
मेहमान के रिश्ते।।

जो सदा ही मधुर बंधन में,
सबको बाँधे रखते।
बन जाती मधुबन जीवन ये,
मधुर वरदान रिश्ते।।
सभी एक माला के मोती,
इनसे दुनिया चलते।
जो खरीदे से नहीं मिलते,
बड़े अनमोल रिश्ते।।
????—लक्ष्मी सिंह ?☺

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MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is...
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