गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

किस बात का गुमान है मियां

किस बात का गुमान है मियां
ज़िन्दगी एक इम्तिहान है मियां

फकत तुम ही नहीं हो गमज़दा
यहां हर शख्स परेशान है मियां

ज़िन्दगी को तो मुश्किल कहते हो
मौत भी कहां आसान है मियां

मैं निहत्था नहीं ज़िन्दगी की जंग में
हिम्मत हौंसला उम्मीद सब सामान है मियां

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I am an assistant teacher in basic education department at Lakhimpur Kheri UP कुछ तो लिखने शौक है मुझे "अर्श" कुछ हालात भी मजबूर करते है।
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