Aug 10, 2016 · दोहे

किस्मत

1
इम्तिहान ले ज़िन्दगी ,करे पास या फेल
किस्मत भी इसमें बड़ा, खेले अपना खेल
2
मिलना खोना सब भले , हो किस्मत के हाथ
नहीं छोड़ना चाहिए, पर कर्मों का साथ
3
अलग अलग लेकर यहाँ ,आते सब तकदीर
जाते पर जब छोड़ जग ,होते सभी फ़क़ीर
4
बीज सदा संतोष के,जो खुद में है बोय
बिगड़े चाहें काम वो,नहीं भाग्य को रोय
5
किस्मत के भी खेल हैं,कितने यहाँ अजीब
कोई बहुत अमीर तो, कोई बहुत गरीब
6
पल में किस्मत दे बदल,वक़्त बड़ा बलवान
राजा को कर रंक दे,रंक करे धनवान
7
होते जीवन भर रहें,कर्म भाग्य के खेल
सफल होय पर ज़िन्दगी,जब इनका हो मेल

डॉ अर्चना गुप्ता

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डॉ अर्चना गुप्ता (Founder,Sahityapedia) "मेरी तो है लेखनी, मेरे दिल का साज इसकी मेरे बाद...
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