किसे सुनाये ये दिल का दर्द ? -आर के रस्तोगी

किसे सुनाये ये दिल का दर्द
सब ही हेडफोन लगाये बैठे है
किस को दिल दू ये मै अपना
हम तो पहले ही सताये बैठे है

जगह नहीं कोई अब इस दिल में
वे तो पहले से ही समाये बैठे है
हमे ओर कौन सतायेगा अब ?
हम तो पहले से सताये बैठे है

माँग भरने की कोई जरूरत नहीं
उनके नाम की माँग भराये बैठे है
मेहंदी लगाने की कोई जरूरत नही
उनके नाम की मेहँदी लगाये बैठे है

जिनसे आँखे लगाई थी मैंने
वे पहले ही आँखे चुराये बैठे है
किस को दू ये दिल अब अपना
हम पहले ही दिल जलाये बैठे है

कर ली बहुत इन्तजार उनकी
हम फूलो से सेज सजाये बैठे है
कब होगी मिलन की रात उनसे
ये आस लगाये हम उनसे बैठे है

देख ली खुशामंद करके उनकी
वो अपना मूहँ फुलाये बैठे है
वो हमे ओर क्या सतायेंगे ?
हम तो पहले ही सताये बैठे है

अब तो आ गया आखरी बक्त
अपना जनाजा सजाये बैठे है
वो आये न आये कन्धा देने
हम तो जाने को तैयार बैठे है

आर के रस्तोगी
मो 9971006425

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I am recently retired from State bank of India as Chief Mnager. I am M.A.(economics)...
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