Jul 13, 2016 · मुक्तक
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किसी के काम तो आया

मेरा नाकाम होना किसी के काम तो आया,
जुबां पर भूले से ही यूँ मेरा नाम तो आया.

जिए थे साथ वो भीगे से पल हमने भी कभी,
किसी औ की ख़ातिर अब ये विराम तो आया.
__शुचि (भवि)

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shuchi bhavi
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Physics intellect,interested in reading and writing poems,strong belief in God's justice,love for humanity. View full profile
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