किया है हमेशा करेंगे किसानी

किया है हमेशा करेंगे किसानी
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भले ही हमारी कठिन जिन्दगानी
किया है हमेशा करेंगे किसानी

विवेकी मनुज हो अनारी हो कोई
कि धनवान हो या भिखारी हो कोई
सभी को हमीं दे रहे दाना पानी-
किया है हमेशा करेंगे किसानी

उगाते हैं फसलें पसीना बहा के
तभी आप सोते हैं भर पेट खा के
कि खेतों में हमने गवाँ दी जवानी
किया है हमेशा करेंगे किसानी

ये नेता जो हम पे हुकूमत चलाते
इन्हें दाल रोटी तो हम ही खिलाते
मगर हमको मिलती रही है वीरानी-
किया है हमेशा करेंगे किसानी

– आकाश महेशपुरी

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