कविता · Reading time: 1 minute

काले तिल

मुख मंडल पर काले तिल की बातें अजब निराली है,
लगता है मानो ईश्वर ने उनकी नज़र उतारी है।
प्रेम छलकते चंचल नयनो पर वो भी बलिहारी है,
कैसे कह दूँ उनकी सूरत कितनी प्यारी प्यारी है।।

-अशोक शर्मा.

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