काम

हुआ मशीनों का मनुज,कितना आज गुलाम
बटन दबाते ही सभी, हो जाते हैं काम।। १

छोटे बच्चे भी कभी, कर जाते वो काम।
बड़े-बड़े जिस काम में, होते हैं नाकाम।। २

जल से ही होता सदा, अपना सारा काम।
जल संरक्षण के लिए, करें उपाय तमाम।। ३

सुक्ष्म शक्ति है कल्पना, जिसका प्रतिभा नाम।
इसी कल्पना ने किया, बड़े-बड़े से काम।। ४

किया काम जो वक्त पर , अंतस खुशी समाय।
नहीं वक्त पर जो किया, वो पीछे पछताय।। ५

जन्म से मौत तक हमें, तुलसी आती काम।
वृंदा देवी को सदा , नित उठ करें प्रणाम।। ६

कितनी आतुरता रही, करने को हर काम।
जिद्दी मंजिल की रही, सोचा नहिं अंजाम।। ७

जीना कल से सीखकर, जी भर जी लो आज।
मत छोड़ो कल के लिए, अपना कोई काज।। ८
-लक्ष्मी सिंह

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