**कामयाबी**

यूँ ही मिलती नहीं मुफ़्त में कामयाबी !
एक जुनूँ सा दिल में जगाना पड़ता है !
लाख अँधेरे हों चाहे राह में तो क्या !
उम्मीद का दिया दिल में जलाना पड़ता है !
लग्न को हथियार बनाना पड़ता है !
हर मुश्किल को जुनूँ से हराना पड़ता है !
चूमती नहीं कदम यूँ ही कामयाबी !
तपाकर खुद को कुंदन बनाना पड़ता है !
कामयाबी चेहरा नहीं लग्न देखती है !
लड़का या लड़की नहीं सोच देखती है !
कामयाबी चाहिए तो सोच बदलनी होगी !
बस एक दिन नहीं हर रोज बदलनी होगी !

Do you want to publish your book?

Sahityapedia's Book Publishing Package only in ₹ 9,990/-

  • Premium Quality
  • 50 Author copies
  • Sale on Amazon, Flipkart etc.
  • Monthly royalty payments

Click this link to know more- https://publish.sahityapedia.com/pricing

Whatsapp or call us at 9618066119
(Monday to Saturday, 9 AM to 9 PM)

*This is a limited time offer. GST extra.

Like 2 Comment 0
Views 330

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Sahityapedia Publishing