**कामयाबी**

यूँ ही मिलती नहीं मुफ़्त में कामयाबी !
एक जुनूँ सा दिल में जगाना पड़ता है !
लाख अँधेरे हों चाहे राह में तो क्या !
उम्मीद का दिया दिल में जलाना पड़ता है !
लग्न को हथियार बनाना पड़ता है !
हर मुश्किल को जुनूँ से हराना पड़ता है !
चूमती नहीं कदम यूँ ही कामयाबी !
तपाकर खुद को कुंदन बनाना पड़ता है !
कामयाबी चेहरा नहीं लग्न देखती है !
लड़का या लड़की नहीं सोच देखती है !
कामयाबी चाहिए तो सोच बदलनी होगी !
बस एक दिन नहीं हर रोज बदलनी होगी !

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