मुक्तक · Reading time: 1 minute

“काबिल मत बनो”

“काबिल मत बनो”
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ज्यादा काबिल, मत बना करो।
अपनी बड़ाई, मत किया करो।
अब कहां समझदार दिखते हो,
समझदारी, मत दिखाया करो।
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.. ✍️पंकज “कर्ण”
……….कटिहार।।

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