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*कानहा खेले होरी *

सरस्वती कुमारी

सरस्वती कुमारी

कविता

March 1, 2017

कानहा खेले होरी
संग राधा गोरी
कानहा के हाथ
कनक पिचकारी
राधा के हाथ
अबीर की पोटरी
रंग लगायो कानहा ऐसो
राधा हो गई मन-मगन
श्याम के रंग में
रंग गई राधा
भीज गयो अंतर्मन
जन्म -जन्म का
प्रीत है बाढ़यो
अब नाहिं छूटै संग
कानहा खेले होरी
संग राधा गोरी ।

Author
सरस्वती कुमारी
सरस्वती कुमारी (शिक्षिका )ईटानगर , पोस्ट -ईटानगर, जिला -पापुमपारे (अरूणाचल प्रदेश ),पिन -791111.
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