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” ——————————————– कांटों पे लेटे हैं ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गीत

September 28, 2017

फौज यहां लड़ती है , नेता श्रेय लेते हैं !
शीश जहां झुकना हो , मुंह को फेर लेते हैं !!

विरोधी विरोध करे , मूंछें तानें सरकारें !
सर्जिकल स्ट्राइक को , हम सलाम देते हैं !!

फूलों से नाज़ुक नहीं , खेलते अंगारों से !
सीने पे खा गोलियां , जान यों ही देते हैं !!

दूध माँ का दौड़े है , रक्त सा शिराओं में !
आन की ही खातिर तो , प्राण लुटा देते हैं !!

सुहागन का सिंदूर है , कलाई की राखी है !
मादरे वतन के लिए , कांटों पे लेटे हैं !!

तिरंगा इन्हें प्यारा , सदा ये नमन करते !
अंतिम बिदाई भी ये , तिरंगे में लेते हैं !!

बृज व्यास

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Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more

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