शेर · Reading time: 1 minute

कह न पाए

१-वो बातें अकसर घायल करती रही!
चाह कर भी न कह पाए जो हम कभी!!

२-मिलकर भी रह जाती हैं कुछ तो हसरतें बाकि!
तुम बार बार यूं हमें दिल से पुकारा न करो!!

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