कह दो ख्वाबों से

कह दो ख्वाबों से
दरवाज़े खटखटाया न कर
नींद ही नही है ज़नाब आंखों में
अब यूं और सताया न कर

भूपेंद्र रावत
6।04।2020

2 Likes · 2 Comments · 7 Views
M.a, B.ed शौकीन- लिखना, पढ़ना हर्फ़ों से खेलने की आदत हो गयी है पन्नो को...
You may also like: