कुण्डलिया · Reading time: 1 minute

कहे कँलेंडर प्यार से

कहे कलेण्डर प्यार से,अरे आदमी सीख ।
बदली है मैने सदा, ……. रोजाना तारीख ।
रोजाना तारीख, हक़ीक़त कहता तुझको ।
किंतु एक तारीख, बदल देती है मुझको ।
करना नही घमंड, …. मचाना नही बवंडर ।
बदलेगा दिनमान, एक दिन कहे कलेण्डर ।।
रमेश शर्मा.

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