मुक्तक · Reading time: 1 minute

कहाँ चाँद में वो बात

कहाँ चांद मे वो बात जो तुम्हें निहार सके
नही बना वो दिल ही जो तुम्हें पुकार सके
******************************
सितारे भी है सहमे सहमे से हैं सजदे में
भेजा है खुदा ने हमे दिल में तुम्हे उतार सके
*******************************
कपिल कुमार
08/08/2016

51 Views
Like
154 Posts · 6.1k Views
You may also like:
Loading...