.
Skip to content

कस्तूरी….

sushil sarna

sushil sarna

मुक्तक

July 13, 2017

कस्तूरी….

बीती रात की बात वो l
…. बादल की बरसात वो l
…… सांसें कस्तूरी कर गयी ,
……… .. होठों की मुलाक़ात वो ll

सुशील सरना

Author
sushil sarna
I,sushil sarna, resident of Jaipur , I am very simple,emotional,transparent and of-course poetry loving person. Passion of poetry., Hamsafar, Paavni,Akshron ke ot se, Shubhastu are my/joint poetry books.Poetry is my passionrn
Recommended Posts
II करीबी कितनी II
दो लाइने लिख कर, सभी को जांच लेता हूं l किसमें कसर कितनी, वो भी मैं भाप लेता हूं l करता नहीं शिकवा, कभी जमाने... Read more
कश्तियाँ   ...
कश्तियाँ ... हौसला करते न वो ग़र होती खबर तूफ़ान की l पंखों से कह देते न करना चाहतें आसमान की l पथरीले बहुत हैं... Read more
II दिल के काबिल II
दिल के काबिल नहीं पर बिठाया उसे l बुलंदियों से भी ऊपर उठाया उसे ll मुझसे ही पूछता है वो पहचान अब l नींव का... Read more
'कैसी विडम्बना मेरे भारत की '
'कैसी विडम्बना मेरे भारत की ' कैसी विडम्बना मेरे भारत की ………… यहां कन्या लक्ष्मी का अवतार , फिर भी वो मरती है बे-हिसाब कराते... Read more