शेर · Reading time: 1 minute

” कसमें “

बागों के फूल यूं ना तोड़ा करो ,
उन्होंने भी अपनी हस्ती सजाई है ।
यूं हमें बार बार झझोरा ना करें ,
हमने भी कई कसमें निभाई है ।।

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