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कश्मीर का दर्द (५ हाइकु)

aparna thapliyal

aparna thapliyal

हाइकु

May 12, 2017

#१

सेब के फूल
सुगन्धित सजीले
मस्तक शूल ।

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#२

बर्फ की घाटी
हरी भरी श्यामला
लहू ने पाटी !

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#३

गुल बहार
पत्थर लगी मार
हत चिनार ।
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#४

धारा चिनाब
कश्मीर का रुआब
आज बेताब।

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#५

केसर खेत
ना जानें मतभेद
हो रहे खेत।
अपर्णा थपलियाल “रानू”
१२.०५.२०१७

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