कश्मीर का दर्द

शिक्षा आज निशाना बन गई इस प्रदेश के गलियारों में ।
सुलग रहा हर रोज़ निकेतन क्या होगा उन परिवारों में ॥
जिनके बालक और बालिकाएं पढ़ने स्कूल सुबहा जाते है ।
कुशल वापसी होने पर ही साँस चैन की ले पाते है ॥
शिक्षा के ये वो मंदिर है जिन पर निर्भर अगली पीढ़ी ।
कुल 27 सुलग चुके है कल आयेगा नंबर किसका ॥
कब तक हम को सहना होगा कब तक डर कर रहना होगा ।
कब कश्मीर मेरे भारत का फ़िर से सुंदर
गहना होगा

विजय बिजनौरी

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