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***** कव्वाली ******

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

कव्वाली

January 18, 2017

? जीना हुआ दुस्वार यारां
मौत भी ना आयी ।
जीना बडा है मुश्किल-2
मरना भी है ना आसां ।
बर्बाद-ए-जिंदगी करके
तुमने किया किनारा ।
जीना हुआ है मुश्किल-2
मौत भी ना आये हाये !
तुमने तो जिंदगी जी ली
हम पे ये मौत छायी । ओ यारां
अब तूं ही बता कैसे जीयें
ये मौत न बाज आये ।
जीना किया है मुश्किल
मरना भी दुस्वार यारां ।
जीना हुआ दुस्वार यारा
मौत भी ना आयी ।। ?मधुप बैरागी

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Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more

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