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कवि

सूर्य भी निस्तेज-सा यदि तुम सुकवि,
बन बढो, हिंसा छटे सद् प्रेम छवि|
लोग कहते, चेत गह, निज राष्ट्र का |
प्राण धन सह सत्य का संदेश कवि|

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रोंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

उक्त मुक्तक के बाद अगला मुक्तक
“कवि/मुस्कुराहट लिख दे निद्रित प्राण पर”
Title का मुक्तक पढें|

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Pt Brajesh Kumar Nayak
Pt Brajesh Kumar Nayak
155 Posts · 40.2k Views
1) प्रकाशित कृतियाँ 1-जागा हिंदुस्तान चाहिए "काव्य संग्रह" 2-क्रौंच सु ऋषि आलोक "खण्ड काव्य" 3-...