Jul 21, 2016 · मुक्तक
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कवि अंगारे लिख डालो।

सरहद पर जो खडे़ हुये हैं शेर हमारे लिख डालो।
उठो सपूतों भारत माता के जयकारे लिख डालो।
भारत माँ की महिमा गाकर जोश जगा दो जन जन में।
इन कलमों की बंदूकों से कवि अंगारे लिख डालो।

प्रदीप कुमार

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pradeep kumar
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पुलिंदा झूठ का केवल नहीं लिखता मैं गजलों में। rnहजारों रंग ख्वाहिश के नहीं भरता... View full profile
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