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कवियों के सर का वरदान है हिंदी

Jan 13, 2021 08:31 PM

माँ भारती के गीतों का गान है हिंदी
भरत से हुये भारत की शान है हिंदी

वीरों की जननी कहलाई भारत भू
माँ मीरा के घुंघुरू की बान है हिंदी

लक्ष्मी की तलवार चली मंगल संग
वीरता में सब की गुणगान है हिंदी

माराठी गुजराती की माता सामान
हिन्दुस्ताँ का तो अभिमान है हिंदी

राधा संग बंसी बजाके सभी नाचाये
कृष्णा के बंसी की तो तान है हिंदी

हमारी संस्कृति को बचाती अकेली
वर्ण चिन्हों की तो खान है हिंदी

भोजपुरी हो अवधी या ब्रज भाषा
कवियों के सर का वरदान है हिंदी

सब के दिलों पर यह तो राज करे
हमारे तो दिलों की जान है हिंदी

मैं हिन्दू सनातम धर्म मेरा कहलाता
मेरे हिन्दू धर्म की पहचान है हिंदी

जहाँ पत्थर पूजे जाते है मंदिरों में
मेरा तो दिल से ,भगवान है हिंदी

सौ करोड़ हिन्दू माँ माने जिसको
मेरे सारे देश हिन्दूस्तान की है हिन्दी

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kumar ashok3
kumar ashok3
दिल्ली
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स्नातक पास कविता लिखना व कार्टून बनाना अधूरा मुक्तक ,अधूरी ग़ज़ल, काव्यगंगा, हमारी बेटियां आदि...
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