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कविता

Neelam Sharma

Neelam Sharma

अन्य

October 28, 2017

क्यों मेरे पास होकर भी, तू दूर है मुझसे।
अब तो हसरत ही नहीं बाकी,मेरी जीने में।
फिर उठा दर्द का समंदर सा,आज सीने में।
नीलम होकर भी कुछ कमी सी है नगीने में।
नीलम शर्मा

Author
Neelam Sharma
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