Skip to content

कविता ••?उमर फै़याज़ पर्रे..एक शहीद?

Radhey shyam Pritam

Radhey shyam Pritam

कविता

May 13, 2017

कब तक हत्याएं बर्बरता से होती रहेंगी।
माताएँ कलेजे के टुकडे़ को रोती रहेंगी।।
कितने उमर फै़याज़ पर्रे यहाँ मिटाए जाएंगे।
कितने रुहों के सपने अरमान लुटाए जाएंगे।।
हे दिल्ली वालो चेतो,संसद में विचार करो।
समझौते छोड़ो अब,पाक-कफ़न तैयार करो।।
आर-पार की लड़ाई अब तो लड़नी ही होगी।
बेलगाम के नाकों नकेल अब डालनी ही होगी।।
अपनी हरक़तों से बाज नहीं आएगा ये पाक।
जब तक नहीं हो जाएगा सुनलो ज़िंदा खाक़।।
मारते,तन-अंग काटते और ज़िंदा तड़फाते हैं।
ये सोच रोंगटे खड़े और आँसू निकल आते हैं।।
एक वर्ष नहीं हुआ जिसको ख़ुशियाँ मिटा दी।
प्रेरणा युवाओं की थी आतंकियों ने हटा दी।।
शहीद होते,रिश्ते रोते तुम करते सिर्फ़ समझौते।
नहीं,कुछ और करो,न मिटें माँ लाल इकलौते।।
जब सैनिक भर्ती होता,हर रिश्ते में ख़ुशी बोता।
देश-सुरक्षा वो करे,उसकी सुरक्षा ये देश होता।।
सोचो समझो दिल्ली वालो और फ़रमान करो।
ये बर्बरता न हो चाहे उल्टा धरती-आसमान करो।।
सीने में सुलगी है जो चिंगारी ज्वालामुखी होने दो।
या मिटेंगे या मिटा देंगे अब आर-पार जंग होने दो।
दो कौड़ी का आदमी सैनिक को तमाचा मारता है।
हाथ बंधे ऐसे कि लहू का घूँट पी रह जाता है।।
अब हाथ खोलदो,ईंट का ज़वाब पत्थर से दो बोलदो।
बर्बरता नज़र नहीं आएगी कहो,भाव के भाव तोलदो।।
जयहिंद………………..
………….?•राधेयश्याम “प्रीतम”?

Author
Recommended Posts
गले में हाथ डाले जायेंगे अब,,
गले मे हाथ डाले जाएंगे अब, छुपे खंज़र निकाले जाएंगे अब, सुना है की अतिक्रमन हटेगा, गरीबों के निवाले जाएंगे अब, हमें अब कौन है... Read more
हिन्‍दी सबको प्‍यारी होगी
हिन्‍दी सबको प्‍यारी होगी। इसकी छवि उजियारी होगी। ना कोई लाचारी होगी। अब न यह बेचारी होगी। ना कोई रँगदारी होगी। मर्दुमरायशुमारी होगी। खड़ी फौज... Read more
उठो सैनिकों वार करो
????? ????? उठो सैनिकों वार करो, स्वयं युद्ध की रणनीति तैयार करो। दिल्ली के आदेशों का, अब ना वीरों तुम इन्तज़ार करो। थाम बागडोर हाथों... Read more
समुद्र मंथन
यदि एक बार फिर से हो जाए... "समुद्र मंथन" तो नहीं होगी लड़ाई "अमृत" के लिए... अब तो लड़ाई होगी "विष" के लिए क्यूंकि लम्बी... Read more