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कविता :– काम करने चला बचपन !!

Anuj Tiwari

Anuj Tiwari "इन्दवार"

कविता

September 8, 2016

कविता :– काम करने चला बचपन !!

खानें की चाह पे खोया बचपन
रातों को राह पे सोया बचपन ,
सहम-सहम के रोया बचपन
फिर भी बोझा ढोया बचपन !

मुश्किलो मे पला बचपन
काम करने चला बचपन ,
धूप आँच से जला बचपन
ठण्ड मे भी गला बचपन !

तूफानो मे हिला बचपन
मयखाने मे मिला बचपन ,
जख्मों को भी सिला बचपन
कहीं , कलियों सा भी खिला बचपन !

जिसनें भी ये जना बचपन
पापी हाथो से हना बचपन ,
जुल्म से भी सना बचपन
यहाँ कातिल बना बचपन !

यहां इक्कीसवी सदी का बचपन
चौराहे पे बिका बचपन ,
सम्बिधान ने लिखा बचपन
बोझ उठाते दिखा बचपन !

भारत का भाग्य विधाता बचपन
बेच रही है माता बचपन ,
खाने को तरसाता बचपन
उनसे भीख मगाता बचपन !

कलम की जगह तलवार थमाया बचपन
क्यों हथियार उठाया बचपन ,
मस्ती मे मतवाला बचपन
कहां गया दिलवाला बचपन !

“देश बेहाल चलाने वालों
तुम भी तो अन्जान नही !
बचपना न कर यूँ बचपन से
बिनु बचपन देश जवान नही ” !!

(- Anuj Tiwari “Indwar” -)

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Author
Anuj Tiwari
नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016) शिक्षण -- मेकेनिकल इन्जीनियरिंग व्यवसाय -- नौकरी प्रकाशित... Read more

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