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कविता-कश्ती

भावों की सरिताएँ आकर
मन-सागर में मिलती जायें।
कल्पना की लहरें लाकर
मोती तट पर रखती जायें।।

मेघ सरिस साहित्य -गगन में
आन्दोलित इस सागर उपर।
बढ़ती जाये,तिरती जाये
मेरी कविता-कश्ती अविरल।।

मोती प्रसाद साहू

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MOTI PRASAD SAHU
MOTI PRASAD SAHU
अल्मोड़ा
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जन्म 1963(वाराणसी) Books: पहचान क्या है( कविता संग्रह) 2013