Skip to content

कविता : आजकल हम बेवजह मुस्कुराने लगे हैं

Anju Gupta

Anju Gupta

कविता

February 14, 2017

जिनको कभी थे हम नज़रंदाज़ करते,
धड़कन बन दिल में वो समाने लगे हैं !
आजकल बेवजह हम मुस्कुराने लगे हैं !!

बदलने लगा है कुछ अंदाज़ अपना भी,
चुप रहते थे पर अब गुनगुनाने लगे हैं !
आजकल बेवजह हम मुस्कुराने लगे हैं !!

जिन आँखों में कभी था, अश्कों का समन्दर,
उन आँखों में सपने सजाने लगे हैं !
आजकल बेवजह हम मुस्कुराने लगे हैं !!

सजाए हैं जिनके ख्यालों में मेले,
ख्वाबों में उनके भी आने लगे हैं !
आजकल बेवजह हम मुस्कुराने लगे हैं !!

अंजु गुप्ता

Author
Anju Gupta
Am a management professional with 20 years of rich experience. Working as a softskill Trainer Writing is my passion.
Recommended Posts
जब हम मुस्कुराने लगे
आज जब हम यूं ही गुनगुनाने लगे । बहारें भी साथ साथ मुस्कुराने लगे । * विहंग का कलरव मन मोहित करता उसके स्वर मधुर... Read more
जबसे लेखन करने लगे
*?जबसे लेखन करने लगे?* जब से हम कविताओं का रचन करने लगे,, न जाने कौन कौन से सवाल हम पर उठने लगे,, कहते है जो... Read more
@सच कहने लगे है@
*@सच कहने लगे है@* अपनो को भूल कर,, धन कमाने की होड़ में लगे है,, रिश्तों को ठुकरा कर,, जाने किस किस को लूटने में... Read more
उनकी नेहा के रंग
उनकी नेहा के रंग, हमारे चेहरे पर दिखने लगे, मुद्दत बाद हमारे नज़रे-दीदार किसी नज़ारे पर टिकने लगे। उनकी बातों का कुछ ऐसा सुरूर हम... Read more