गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

सकारात्मक सोच

सकारात्मक सोच होना चाहिये।
पाजिटिव एप्रोच होना चाहिये।।

एक जगह ही हो वजह पर,
सतत रोज होना चाहिये।।

चाह बनाले नई राह बना ले,
हरदम एक खोज होना चाहिये।।

कर सके अरपन देश पर जो
लोगों की ऐसी फौज होना चाहिये।।

गौतम बनो तुम गंभीर बनो तुम,
वाणी में तुम्हारे ओज होना चाहिये।।

जो भी है जैसा भी है मसला है,
पर मिलकरके भोज होना चाहिये।।

1 Like · 1 Comment · 64 Views
Like
You may also like:
Loading...