@@@ कलयुग के रिश्ते @@@

बड़े अजीब हैं यह कलियुग के रिश्ते
न शर्म न लिहाज से वाकिफ ये रिश्ते
बाप ने शर्म बेच कर तार तार कर दी
अपनी बेटी बहु की इज्ज़त के रिश्ते !!

भाई ने भाई को जायजाद के लिए
कत्ल कर दिए खून के रिश्ते
बन कर नाग बैठ गए अपने बाप
कि दौलत पर हैवान यह रिश्ते !!

बहन भाई का प्यार एक मिसाल
हुआ करती थी कभी यह रिश्ते
जीजा को कुछ न समझ कर
उड़ा देते हैं एक गोली से यह रिश्ते !!

माँ का एक रूप जहाँ मिसाल था कभी
दुनिया में ममता का प्यार थे यह रिश्ते
एक प्रेमी कि खातिर भूल गयी ममता
को और हटा दिया आँचल खो गए रिश्ते !!

खो गया है वजूद, बिक गयी है करूणा सारी
लूट रहा इज्ज़त का संसार , बढ़ रही लाचारी
“अजीत” किस युग में जन्म लिया तूने
रिश्तो कि देख तार तार होती दुनिया सारी !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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