कविता · Reading time: 1 minute

कलम घिसाई 2 **वक्त**

वक्त वक्त की बात है आये सबका वक्त।

वक्त जिसके साथ नही वो ही है कमबख्त।।
*
कमबख्त है वो जिसका गया हाथ से वक्त।
वीर होता वो ही जो करे वक्त अनुरक्त।।

*

वक्त करे अनुकूल तो, वो पा जाये तख्त।
वरना वक्त निछोड़ले, बूँद बूँद कर रक्त।
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करमो से तुम रोक लो, वक्त बना जो सख्त।
वक्त से डरते हो क्यों, वक्त बना लो भक्त।
*
वक्त की किरणो को मत बनने दे अवरक्त।
करले ऐसा काम कुछ करे चाकरी वक्त।
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~~~~|मधु सूदन गौतम

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