कविता · Reading time: 1 minute

कलम को स्याही में भिगोकर

कलम को
स्याही में
भिगोकर
कुछ लिखा
इस्तेमाल तो किया
छींटे मारकर
हवाओं में उड़ाया तो
नहीं
यह जिन्दगी
किसी के
काम आ जाये तो
मुझे लगेगा कि
मैंने इसे
व्यर्थ ही
गंवाया नहीं।

मीनल
सुपुत्री श्री प्रमोद कुमार
इंडियन डाईकास्टिंग इंडस्ट्रीज
सासनी गेट, आगरा रोड
अलीगढ़ (उ.प्र.) – 202001

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