.
Skip to content

कलम के सिपाही

बृजेश कुमार नायक

बृजेश कुमार नायक

गीत

March 31, 2017

कलम के सिपाही नमन तुमको मेरा|
निशा-बीच फैलाओ अनुपम सवेरा|

सुलेखन करो पर कभी भी रुको ना|
जागृति-सघनता से छूटे न कोना|
प्रेमी प्रबलता का लगने दो फेरा|
कलम के सिपाही नमन तुमको मेरा|

अभी रूढ़िवादी चिंतन का साया|
निरक्षर जनों की वहाँ पर है माया|
डरैला कुपोषण-अकिंचनता-डेरा|
कलम के सिपाही नमन तुमको मेरा|

है हिंसा जवाँ व वहाँ पर लुटेरा|
इज्जत को लूटे, सुनो चीख टेरा|
अभी भी धरणि पर है ,अवनति-कुघेरा|
कलम के सिपाही नमन तुमको मेरा|

कलम के सिपाही नमन तुमको मेरा|
अँधेरों में फैलाओ अनुपम सवेरा|

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक”
कृतियों के प्रणेता

-डरैला=भयानक
………………..

-उक्त रचना जे एम डी पब्लिकेशन नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2016 में प्रकाशित कृति/संकलन “काव्य अमृत”
ISBN:978-93-82340-40-9 में प्रकाशित हो चुकी है |

-उक्त रचना (गीत) काव्य अमृत” संकलन में प्रकाशित होने पर जे एम डी पब्लिकेशन दिल्ली ने रचनाकार बृजेश कुमार नायक को
“अमृत सम्मान” से अलंकृत किया |

-उक्त रचना का काव्यपाठ आकाशवाणी छतरपुर से दिनांक 17-07-2017को प्रसारित हो चुका है

उक्त गीत( रचना) को फेस बुक पेज
“बृजेश कुमार नायक की रचनाएं”
पर दि 12-12-2016को पोस्ट की गयी रचना के रूप में भी पढा जा सकता है|

Author
बृजेश कुमार नायक
एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर,... Read more
Recommended Posts
कलम
कलम ही मेरी जान हैं, कलम ही मेरा जहाॅ है, कलम ही मेरी पुजा हैै, कलम ही मेरा ध्‍यान है, कलम ही मेरी अवनि है,... Read more
खुशनसीब हूँ तिरंगा पहना है कफन
ऐ कलम तू सुन लेना उङते पत्ते पर तू लिख देना गर शहीद हो जाऊँ ऐ वतन दफन कर देना मातृ भूमि मे मेरा तन।... Read more
क्रांतिकारी मुक्तक
बहर- *१२२२ १२२२ १२२२ १२२२* कभी अंग्रेज़ का हमला, कभी अपने पड़े भारी। कभी तोड़ा वतन को भी, कभी गद्दार से यारी। कलम का क्रांतिकारी... Read more
"तु मेरा भगवान मैं तुझको नमन करूँ "(गीत) तु हैं मेरी शान मैं तुझको नमन करूँ। तु ही मेरा मान मैं तुझको नमन करूँ। ख्वाबों... Read more