कविता · Reading time: 1 minute

करोना का ब्याह ( हास्य व्यंग काव्य )

ओ करोना! चल तेरा ब्याह करवा दें ,
सुंदर सी तेज़ दुल्हनिया तुझे दिलवा दें ।

ऐसी दुल्हनिया जो चलाए ऐसा जादू ,
सुध बुध तेरा छीनकर करे तुझपे काबू ।

तू सेर है तो सवा सेर तेरी दुल्हन ढूंढेंगे ,
तुझे नाच नचाने वाली हंटरवाली ढूंढेंगे ।

बड़ा शेर बनता है निकल जायेगी अकड़ ,
भूलेगा हमें सताना जब शेरनी लेगी जकड़ ।

ना जी सकेगा ,ना मर सकेगा होगा ऐसा हाल ,
गृहस्थी की चक्की में पीसकर होगा तू बेहाल ।

करके ब्याह तेरा तुझे भेज देंगे वापिस चाइना,
अपने जन्म दाता के साथ वही जीना – मरना ।

एहसान मानेगा जिनपिंग भेजी बहु बेटे के साथ ,
हमें बहुत सताया अब करना उससे भी दो-दो हाथ ।

करो चाहे परस्पर दो दो हाथ,पर छोड़ो हमारी जान,
तेरी शादी कर तुझसे पल्ला झाड़ना हमारा अरमान।

खुदाया ! यह अरमान हमारा काश पूरा हो जाए,
बस किसी तरह करोना -करोनी का ब्याह हो जाए।

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Author
नाम -- सौ .ओनिका सेतिआ "अनु' आयु -- ४७ वर्ष , शिक्षा -- स्नातकोत्तर। विधा -- ग़ज़ल, कविता , लेख , शेर ,मुक्तक, लघु-कथा , कहानी इत्यादि . संप्रति- फेसबुक…
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