.
Skip to content

करें क्यूँ कोख ख़ाली है

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'

मुक्तक

April 1, 2017

जहाँ की रीत भी देखो, भला कैसी निराली है
हैं नौ दिन पूजते देवी, मगर नारी को गाली है
लगे प्यारी बहन, माता, मिले सुंदर बहू, पत्नी
जो बेटी हो उदर में तो, करें क्यूँ कोख ख़ाली है

Author
लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
मध्यप्रदेश में सहायक संचालक...आई आई टी रुड़की से पी एच डी...अपने आसपास जो देखती हूँ, जो महसूस करती हूँ उसे कलम के द्वारा अभिव्यक्त करने की कोशिश करती हूँ...पूर्व में 'अदिति कैलाश' उपनाम से भी विचारों की अभिव्यक्ति....
Recommended Posts
बेटी और बेटे में भेद क्यूँ होता ?
??????? बेटी और बेटे में भेद क्यूँ होता ? बहुत सोचा पर समझ नहीं आता ! ??????? कहते बेटा कुल का वारिश है , पर... Read more
खाली-खाली
सब कुछ है खाली-खाली, खाली मकान खाली घर खाली मन खाली शरीर खाली जग के सब नारी नर, फिर भी सब छुपाते खालीपन क्योंकि सबको... Read more
"हिन्दू मुस्लिम के चोंचले क्यूँ हैं " (मुक्तक) डगमगाये हमारे हौसलें क्यूँ है। उजड़े पंछियों के घोंसले क्यूँ हैं। हम तो सच के हिमायती हैं।... Read more
*बेटी*
बेटी नहीं है कोई बोझ फिर क्यूँ कोख में मरे ये रोज? ईश्वर का वरदान है बेटी सकल गुणों की खान है बेटी मात-पिता की... Read more