कराहती धरती (पृथ्वी दिवस पर)

आओ हम लाज बचाये।
इस धरती पर पेड़ लगायें।।
सुखी धरती,निर्झर सूखे,
कूप सूखे तो रह जायेंगे भूखे।
आओ हम बून्द बचाये,
इस धरती पर पेड़ लगायें।।
रूठी नदियां,ताल भी रूठे,
वर्षा रूठी तो रहेंगे प्यासे।
चाहे कितने बांध बनाये,
इस धरती पर पेड़ लगायें।।
तोड़े उपवन,काटे तरुवन,
कैसे रुकेगा विस्तृत मरुवन।
आओ अग्रपीढ़ी बचाये,
इस धरती पर पेड़ लगायें।।
नंगी धरती,नंगे परवत,
कौन भरेगा इनमें रंग सत्।
आओ फिर से सावन बुलायें,
इस धरती पर पेड़ लगायें।।
भोगी सब है,ढोंगी सब है,
दोहन करते सब के हस्त है।
आओ धुएं की कालिख मिटाये,
इस धरती पर पेड़ लगायें।।
आओ अब तो जान बचाये।
इस धरती पर पेड़ लगायें।।
(रचनाकार-डॉ शिव’लहरी’)

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like 1 Comment 0
Views 141

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share