कुण्डलिया · Reading time: 1 minute

करके मेहनत रात दिन,पाले जो परिवार

करके मेहनत रात दिन,पाले जो परिवार
मिले बुढापे में उसे ,गैरों सा व्यवहार
गैरों सा व्यवहार , अकेला खुद को पाये
खाली भी है हाथ, रास्ता नज़र न आये
हुई अर्चना उम्र, उधर पैसे की किल्लत
लेकिन है खुद्दार, कमाए करके मेहनत

डॉ अर्चना गुप्ता

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