कविता · Reading time: 1 minute

कभी हारे नहीं है हम

न कोई चिंता है और
न ही है कोई गम
आए जो मुसीबत कोई
डटकर खड़े है हम

हौसले हमारे बुलंद है
कभी हारे नहीं है हम।।

थोड़े परेशान होते
लेकिन सामना भी
उसका हम करते
है हमको यकीन ये
जीतेंगे हम ही ये जंग

हौसले हमारे बुलंद है
कभी हारे नहीं है हम।।

राह है थोड़ी कठिन
हमारी मंजिल की,
हमने भी ठानी है
नहीं थकेंगे, नहीं हारेंगे
नहीं रुकेंगे, जब तक
मंजिल नहीं मिलेगी

हौसले हमारे बुलंद है
कभी हारे नहीं है हम।।

राह भटकाने वाले
फैलाना चाहते है तम
वो तो चाहते है मिले
अब तुम्हें केवल गम
किसी और के झांसे में
कभी नहीं आते है हम

हौसले हमारे बुलंद है
कभी हारे नहीं है हम।।

जोश के साथ हम
बढ़ाते चलेंगे कदम
आए कोई भी बाधा
पीछे न हटेंगे कदम
सभी को अपने साथ
लेकर ही चलेंगे हम

हौसले हमारे बुलंद है
कभी हारे नहीं है हम।।

11 Likes · 3 Comments · 189 Views
Like
You may also like:
Loading...