Apr 19, 2017 · कविता
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कभी सावन कभी वसंत दोस्ती

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कभी सावन,कभी वसंत दोस्ती।
पतझड़ में भी रहे संग दोस्ती।

सागर के संग तरंग दोस्ती।
जीवन में भर दे उमंग दोस्ती।

इन्द्रधनुष के सातों रंग दोस्ती।
मन को महका दे वो सुगंध दोस्ती।

मौसम सा आना जाना है दोस्ती।
यादों का विशाल खजाना है दोस्ती।

याद आती है छुटपन की दोस्ती।
निस्वार्थ थी बचपन की दोस्ती।

कभी मार-पीट,झगड़ा-लड़ाई दोस्ती।
कभी तीखी सी मिर्ची मिठाई दोस्ती।

मस्ती भरी जवानी की दोस्ती।
यारो पे दे देती कुर्बानी दोस्ती।

सदा करती मनमानी नादानी दोस्ती।
दिल में छोड़ जाती निशानी दोस्ती।

बुढापे में किस्से कहानी दोस्ती।
आँखों में ला देती पानी दोस्ती।

बुजुर्गों का होता सहारा दोस्ती।
भँवर जिन्दगी का किनारा दोस्ती।

हर मौसम में है खास दोस्ती।
एक धागा विश्वास का दोस्ती।

कभी खड़ा करता नहीं सवाल दोस्ती।
बहुत ही लाजवाब व बेमिशाल दोस्ती।
???-लक्ष्मी सिंह ??

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लक्ष्मी सिंह
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MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is... View full profile
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