.
Skip to content

कभी सावन कभी वसंत दोस्ती

लक्ष्मी सिंह

लक्ष्मी सिंह

कविता

April 19, 2017

?????
कभी सावन,कभी वसंत दोस्ती।
पतझड़ में भी रहे संग दोस्ती।

सागर के संग तरंग दोस्ती।
जीवन में भर दे उमंग दोस्ती।

इन्द्रधनुष के सातों रंग दोस्ती।
मन को महका दे वो सुगंध दोस्ती।

मौसम सा आना जाना है दोस्ती।
यादों का विशाल खजाना है दोस्ती।

याद आती है छुटपन की दोस्ती।
निस्वार्थ थी बचपन की दोस्ती।

कभी मार-पीट,झगड़ा-लड़ाई दोस्ती।
कभी तीखी सी मिर्ची मिठाई दोस्ती।

मस्ती भरी जवानी की दोस्ती।
यारो पे दे देती कुर्बानी दोस्ती।

सदा करती मनमानी नादानी दोस्ती।
दिल में छोड़ जाती निशानी दोस्ती।

बुढापे में किस्से कहानी दोस्ती।
आँखों में ला देती पानी दोस्ती।

बुजुर्गों का होता सहारा दोस्ती।
भँवर जिन्दगी का किनारा दोस्ती।

हर मौसम में है खास दोस्ती।
एक धागा विश्वास का दोस्ती।

कभी खड़ा करता नहीं सवाल दोस्ती।
बहुत ही लाजवाब व बेमिशाल दोस्ती।
???-लक्ष्मी सिंह ??

Author
लक्ष्मी सिंह
MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank... Read more
Recommended Posts
हाल कैसे कहे अनकही दोस्ती ।
हाल कैसे कहे अनकही दोस्ती । उम्रभर हाशिये पर रही दोस्ती ।। सब्र हमने जफ़ाएँ किया है बहुत । दर्द उनको मिला तो ढही दोस्ती... Read more
*दोस्ती*
दोस्ती का रिश्ता कभी पुराना नहीँ होता ख़त्म कभी भी ये अफ़साना नहीँ होता बड़ी पाकीज़गी है इसमें पाई, वरना आज हमारे लबों पर ये... Read more
***    पहचान  ****
पहचान छुपाकर ......... पहचान बढ़ाना चाहते हो । ये कैसी दोस्ती का हाथ बढ़ाना चाहते हो । बड़ा नाजुक रिश्ता होता है दोस्ती का क्या... Read more
दोस्ती (कविता)
*दोस्ती* ****** दोस्ती का नायाब तोहफ़ा खुदा ने दे दिया कुछ न देकर भी मुझो सब कुछ दे दिया, ऐ दोस्त ! नाज़ करती हूँ... Read more