Jun 12, 2016 · मुक्तक
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“कभी पागल बना देती , कभी काबिल बना दे वो “

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मुहब्बत जाम है ऐसा , जिसे पीते नहीं थकते ।

सुहाने पल वो ऐसे हैं , जिसे जीते नहीं थकते ।

कभी पागल बना देती , कभी काबिल बना दे वो,

उसी की आस में सातों , जनम बीते नहीं थकते ।
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वीर पटेल

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Kavi DrPatel
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मैं कवि डॉ. वीर पटेल नगर पंचायत ऊगू जनपद उन्नाव (उ.प्र.) स्वतन्त्र लेखन हिंदी कविता... View full profile
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