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कभी कली पे भी हुस्नो ज़माल आएगा

Pritam Rathaur

Pritam Rathaur

गज़ल/गीतिका

April 18, 2017

उरुज आज है तो कल ज़वाल आएगा
अगर माँ बाप को घर से निकाल आएगा

दगा है खून में तेरे पता नही तुझको
किसी तो रोज तुझे ये मलाल आएगा

वतन के दूर अँधेरे तभी हो जाएंगे
के जब तू क्रांति की लेकर मशाल आएगा

सहेगा बेटी की रुसवाइयाँ भला कब तक
कभी तो खून में तेरे उबाल आएगा

न रुक सकेंगे क़दम उसके आज मिलने से
के दर्द आँखों में जब तू भी पाल आएगा

न सोच ये कि अभी उम्र उसकी कमसिन है
कभी कली पे भी हुस्नो ज़माल आएगा

न मानता तू बुज़ुर्गों की इस नसीहत को
तो जख़्म खाके तू दिल पर निढाल आएगा

दिखा तो रोक के जज्बात दिल के तू “प्रीतम”
नदी में दिल के कभी तो उछाल आएगा

Author
Pritam Rathaur
मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है... Read more
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