गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

कभी कभी वो मिला करेगा..!!

हमारे हक़ में दुआ करेगा
वो इक ना एक दिन वफा करेगा..!!

बिछड गया है मगर यकीं है
कभी कभी वो मिला करेगा..!!

तु अपने आशिक को साथ रखले
बिछड गया तो नश्शा करेगा..!

जो अपनी हालत की खुद वजह हो
वो क्या किसी से ग़िला करेगा..!!

अगर ये दुनया उजड गयी तो
कभी ये सोचा है क्या करेगा..!!

मैं जानता हूँ कि इक फरिश्ता
जो ज़िंदगी से रिहा करेगा..!!

अभी तु शायर नही है ” नासिर”
खुदा वो दिन भी अता करेगा..!!

– नासिर राव

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