Aug 17, 2016 · कविता
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कभी इस पार ,कभी….

कभी इस पार
कभी उस पार,
खिच लेता है
एक दूजे को
बहन-भाई का प्यार
रक्षा बंधन का त्यौहार
चलता रहे,निभता रहे
अमर प्रेम की है गाथा,
बहन भाई के रिश्तों का
अटूट प्यार,
कभी इस पार
कभी उस पार,
खिच लेता है,
एक दूजे को,
बहन भाई का प्यार
रक्षा बंधन का त्यौहार।।

^^^^^^^दिनेश शर्मा^^^^^^^

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Dinesh Sharma
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सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज... View full profile
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