कविता · Reading time: 1 minute

कभी इस पार ,कभी….

कभी इस पार
कभी उस पार,
खिच लेता है
एक दूजे को
बहन-भाई का प्यार
रक्षा बंधन का त्यौहार
चलता रहे,निभता रहे
अमर प्रेम की है गाथा,
बहन भाई के रिश्तों का
अटूट प्यार,
कभी इस पार
कभी उस पार,
खिच लेता है,
एक दूजे को,
बहन भाई का प्यार
रक्षा बंधन का त्यौहार।।

^^^^^^^दिनेश शर्मा^^^^^^^

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