कफ़्स

ख्वाहिशें तो आसमान नापने की थी
जरूरतों ने कफ़्स में ला खड़ा किया

मांगती रही रिहाई दिल की चिडैया
कफ़्स ने इश्क का वास्ता दे दिया
~ सिद्धार्थ

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मुझे लिखना और पढ़ना बेहद पसंद है ; तो क्यूँ न कुछ अलग किया जाय......
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