.
Skip to content

” कफन “

Brijpal Singh

Brijpal Singh

लेख

June 15, 2016

इस शहर में कोई कफन नहीं है क्या……
****************
कहाँ गये वो बलवान पुरुष कहाँ गये वो अभिमानी करते हैं सदा जो प्रताडित बच्चों अर स्त्री को दिखाते हैं सदा अपनी ही मनमानी !
ताकत अपनी दिखलाओ न ज़रा हमें भी इस चुंगल से छुडवाओ न ज़रा जीते जी जीने न दिया हँसी थी ज़िंदगी में हँसने ना दिया !
—————————————————-
इस शहर में कोई कफन नहीं है क्या ….
***********************
घर में भी घुटन सी है , बाहर का तो कहना ही क्या
इस क्रूरता का समाधान भी है? या कोई मुझे समझाये ज़रा
खबरें भी ऐसी आती ही हैं सदा,
सुनकर भी अनसुना तुम करते हो सदा !
——————————————
इस शहर में कोई कफन नहीं है क्या . . ..
**********************
उस वक्त के वो लोग उन्ही के वो अफसाने,
क्या दया थी क्या स्नेह था उनमें
मगर विड़बना आज की विपरीत है सदा
मरने की सोची बहुत मगर ये भी अब रास नहीं,
सपने बुनती रही मगर कुछ भी मेरे पास नहीं!
———————————————
इस शहर में कोई कफन नही है क्या ….
*******************
अब खुदा को भी मैं दोष क्या दूँ भला,
मैं लड़की पैदा हुई यही मेरी सज़ा !
उम्मीदों में मेरे पानी कबका फ़िर गया,
अपनों ने ही जब ना उम्मीद कर दिया !
अब तो आँसुओं से टपकता नहीं मेरे पानी ,
समझ जो गई मैं यही हर लड़की की कहानी !
————————————–
इस शहर में कोई कफन नहीं है क्या . . . . .

Author
Brijpal Singh
मैं Brijpal Singh (Brij), मूलत: पौडी गढवाल उत्तराखंड से वास्ता रखता हूँ !! मैं नहीं जानता क्या कलम और क्या लेखन! अपितु लिखने का शौक है . शेर, कवितायें, व्यंग, ग़ज़ल,लेख,कहानी, एवं सामाजिक मुद्दों पर भी लिखता रहता हूँ तज़ुर्बा... Read more
Recommended Posts
उल्फ़त  में  ग़म  के  ख़ज़ाने क्या- क्या निकले
उल्फ़त में ग़म के ख़ज़ाने क्या- क्या निकले हम अपनी आँखों को दिखाने क्या- क्या निकले समझा था ये दिल तो उसे ही मंज़िल अपनी... Read more
तेवरी
जिनको देना जल कहाँ गये सत्ता के बादल कहाँ गये ? कड़वापन कौन परोस गया मीठे-मीठे फल कहाँ गये ? जनता थामे प्रश्नावलियां सब सरकारी... Read more
किया तुमने भी है कल रतजगा क्या ?
किया तुमने भी है कल रतजगा क्या तुम्हें भी इश्क़ हमसे हो गया क्या तुम्हें ही देखना चाहे निगाहें इजाज़त देगा मेरा आइना क्या मिरा... Read more
और क्या है
मुहब्बत की सियासत और क्या है बिना इसके हकीकत और क्या है चलो बचके सड़क पर मनचलों से बुजुर्गों की नसीहत और क्या है हमेशा... Read more