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कंवर्टर सिद्धांत -भविष्य का जीवन

कंवर्टर सिद्धांत -भविष्य का जीवन
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ब्रह्मांड जो हमारी कल्पना से परे है , जिसका रूप , काया , आकार याँ निष्कर्ष हम इसके बारे ज्यादा कुछ नही बता सकते है । जितना इसके बारे में जानते जाएंगे उतना ही उसमे उलझते जाएंगे । कहते है ब्रह्मांड का जन्म बिग बैंग याँ महाविस्फोट के बाद हुआ । एक भयानक विस्फोट के बाद इतनी ज्यादा ऊर्जा का उत्सर्जन हुआ जो ब्रह्मांड को लगातार बढ़ता रहा है । उस एक महाविस्फोट से भौतिकी के सारे सिद्धांत कार्य करने लगे । क्वार्क , लैप्टान , फोटान जैसे गर्म द्रव अस्तित्व में आये ।या कहे की महाविस्फोट के बाद जो ऊर्जा का उत्सर्जन हूँ वह विभिन्न गर्म द्रव में परिवर्तित हो चुका था । यही परिवर्तन धीरे धीरे बदलाव का रूप लेने लगा और उसके बाद अस्तित्व में हैट्रोजन और हीलियम जैसे द्रव आए । बदलाव याँ परिवर्तन के ये कड़ी धीरे धीरे असंख्य द्रव को अस्तित्व में लेकर आई । समय के साथ परिवर्तन और बदलाव ने जोर पकड़ा । महाविस्फोट ने एक नया बदलाव किया और पृथ्वी जैसे ग्रह को बदलाव की क्रम रेखा में लाकर खड़ा लार दिया । सूक्ष्म से विशाल तक सब परिवर्तन में परिवर्तित होते रहे । आज पृथ्वी पर एक मानव सभ्यता निवास करती है जिसने परिवर्तन को अपना साथी माना । आज मानव प्रत्येक विधमान वस्तु को परिवर्तित कर रहा है याँ कहे की कनवर्ट कर रहा है । कही ना कही आज पृथ्वी पर जो भी है याँ ब्रह्मांड अस्तित्व में है तो वो परिवर्तक की वजह से है । समुचित ब्रह्मांड एक कंवर्टर है । पृथ्वी पर विधमान कण कण एक कंवर्टर के रूप में कार्य कर रहा है । याँ कहे की हमारा अस्तित्व ही कंवर्टर की वजह से है । कंवर्टर अगर कनवर्ट यानी बदलाव याँ परिवर्तन ना करें तो को सब मिथ्या है । महाविस्फोट एक कंवर्टर घटना थी, उसके बाद ऊर्जा का द्रव में कंवर्टर होना । महाविस्फोट से पृथ्वी जैसा ग्रह बनाना ये कंवर्टर सिद्धांत पर ही कार्य करते है । जल में सूक्ष्म जीवो का होना यानी यंहा पर भी कंवर्टर सिद्धांत लगता है । जीवो से बड़े जीवो में कन्वर्ट होना । बंदर जैसी प्रजाति से कंवर्टर होकर मानव होना कंवर्टर सिद्धांत ही तो है । और हमारे आस पास जो कुछ भी घटित होता है वो सब कंवर्टर है ये केवल कंवर्टर सिद्धांत से ही जीवित रहते है । सूर्य की ऊर्जा को सोलर सिस्टम के द्वारा विधुत ऊर्जा में कंवर्टर करना कंवर्टर सिद्धांत ही तो है । इस पृथ्वी पर मिटटी ही तो है और मिटटी से ना जाने क्या क्या प्राप्त होता है और ये तब संभव है जब सब कार्य कंवर्टर सिद्धांत कार्य करें । रोजमर्रा की जिन्दगी में हम लाखों कंवर्टर सिद्धांत देखते है । एक गेहूँ के बीज को जब मिटटी में डाला जाता है तो हमे कैसे सारे गेहूँ के बीज प्राप्त होते है । क्योकि गेहूँ का एक बीज उस मिटटी में रहकर कंवर्टर का कार्य करता है और मिटटी को गेहूँ में परिवर्तित याँ कन्वर्ट करता है । धान , सरसों , तिल , आलू , गन्ना आदि जितनी भी चीजे मिटटी में बोई जाती है वो सब कंवर्टर होती और हमे मिटटी को कन्वर्ट कर चीजे देती है । आम का वृक्ष लगाया तो कंवर्टर सिद्धांत ने आम का फल दिया , जामुन का वृक्ष लगाया तो जामुन प्राप्त हुए । लेकिन मिटटी तो वही थी बस कंवर्टर बीज बदले हुए है । हमारा भविष्य कंवर्टर सिद्धांत पर ही टीका है थोड़ा सा भी कंवर्टर सिद्धांत गड़बड़ हुआ और अस्तित्व का अंत हुआ । इस कंवर्टर सिद्धांत से हम भविष्य में ऐसे बहुत सारे कंवर्टर बना सकते है जो हमारी जिन्दगी को हमारे अस्तित्व को काफी आसान बना सकते है ।
हम कंवर्टर सिद्धांत का प्रयोग करके इस मिटटी से कंप्यूटर को बो कर कंप्यूटर प्राप्त कर सकते है । साईकिल को बो कर साईकिल प्राप्त कर सकते है । उसने याँ पढ़ने में थोड़ा अजीब लगेगा पर ये कंवर्टर सिद्धांत से संभव है बस हमे कंवर्टर सिद्धांत के हर चरण को समझना होगा उससे जुड़ना होगा । वर्तमान में हम
कंवर्टर सिद्धांत से बहुत कुछ कंवर्ट कर भी रहे है । जैसे छोटे पेड़ को बड़ा करना, दो पेड़ों को जोड़कर नया पेड़ बनाना । विधुत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में कंवर्टर करना । ना जाने कितनी चीजे उपलब्ध है वर्तमान में जो कंवर्टर सिद्धांत पर कार्य कर रहे है । हमारा स्मार्टफोन एक मल्टी कंवर्टर है जो कई चीजे हमे कंवर्ट करके देते । बाईट को कभी म्यूज़िक में तो कभी वीडियो में , कभी फोटोज में कंवर्ट करता है सिस्टम में तो बाईट ही होती है लेकिन कंवर्टर की वजह से वो अलग अलग बाईट को पेश करता है । भविष्य में कंवर्टर सिद्धांत वह प्रगति प्राप्त करेगा की हम इस पृथ्वी को कंवर्ट करके कई सारी पृथ्वी का निर्माण कर सकते है । कंवर्टर सिद्धांत से कई सूरज कई चाँद वाह सब कुछ जो उपस्थित है हमे उसे कंवर्टर सिद्धांत से कई गुना कर सकते है । कंवर्टर सिद्धांत से हम अभी कई कंवर्टर बना सकते है वो हमे भविष्य में जीना सिखाएगी । कंवर्टर सिद्धांत किसी एक पर निर्भर नही है कंवर्टर सिद्धांत सब भौतिकी पर निर्भर है । आने वाला भविष्य कंवर्टर भविष्य होगा , और
कंवर्टर सिद्धांत सब संभव बना देगा ।
कंवर्टर सिद्धांत मानव की मृत्यु को भी कंवर्टर करने का की ताकत रखता है ।
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#सिद्धांत विश्लेषक

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विकास सैनी The Poet
विकास सैनी The Poet
Raebareli
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विकास सैनी । पिता -अयोध्या प्रसाद पता -रायबरेली (उOप्रO) ......... कुछ लोग आपके चेहरे से...