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ऐ सनम तेरी नज़रें

Badnaam Banarasi

Badnaam Banarasi

शेर

October 22, 2017

ऐ सनम ये तेरी नज़रें हैं या काँटा कोई,
तू जो देखती है तो इक चुभन सी होती है।
जो गुजरतीं हैं हवायें तेरे जिस्म को छूकर,
तो मेरे रूह में इक छुअन सी होती है।।

Author
Badnaam Banarasi
From - Banaras
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