Skip to content

****** ऐ मेरी जिंदगी *****

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

गीत

July 18, 2017

ऐ मेरी जिंदगी ऐ मेरी जिंदगी
रूठी है क्यूं मुझसे हर ख़ुशी
तेरा हर फ़लसफ़ा मुझे याद है
ना जाने क्यूं मुझसे नाराज है
तेरे सीने में कौनसा राज है
ऐ मेरी जिंदगी ऐ मेरी जिंदगी
तेरी हर वफ़ा तेरी हर जफ़ा
मुझे आज भी बखूबी याद है
भूली है क्यूं वो मेरी बन्दगी
ऐ जिंदगी ! ऐ मेरी जिंदगी
रूठी जो तूं रूठी हर ख़ुशी
तेरा ही दर था,मेरा वो घर
ना जाने लगी किसकी नज़र
वो सावन था मनभावन मगर
दिल की लगी बनी दिल्लगी
बरखा का आना इक बहाना
मलमल के जल तेरा नहाना
भूली है क्यूं यूं दीदार -ग़म
ऐसे नही थे जमाने से हम
ऐ जिंदगी! ऐ मेरी जन्दगी
छीनी है क्यूं मुझसे ख़ुशी
रूठी है क्यूं मुझसे हमनशीं
तेरा हर फ़लसफ़ा मुझे याद है
तेरी हर वफ़ाजफ़ा मुझे याद है
ऐ मेरी जिंदगी ऐ मेरी जिंदगी
ऐ मेरी जिंदगी ऐ मेरी जिंदगी ।।

?मधुप बैरागी

Share this:
Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल 13.7.2017 स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना... Read more
Recommended for you