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“ऐ चाँद !ना हँस मेरी तन्हाई पर “

Dr.Nidhi Srivastava

Dr.Nidhi Srivastava

कविता

November 15, 2016

ऐ चाँद ! ना हँस मेरी तन्हाई पर ,
तू भी अकेला है मेरी तरह |
तेरी रोशनी भी उधार की है ,
मेरी गुमसुम हँसी की तरह ||

ऐ चाँद! ना रूठ मेरे शब्दों से,
तू भी उदास है मेरी तरह |
चल रहा है अथक तू भी,
मेरी थकान भी तेरी तरह ||

ऐ चाँद ! ना रो मेरे दर्द पर ,
तू भी तड़प रहा मेरी तरह |
मत बहा आँसू तन्हाई के,
हँस ले तू भी मेरी तरह ||

ऐ चाँद !ना हँस मेरी तन्हाई पर |
ऐ चाँद !ना हँस मेरी तन्हाई पर ||

…निधि…

Author
Dr.Nidhi Srivastava
"हूँ सरल ,किंतु सरल नहीं जान लेना मुझको, हूँ एक धारा-अविरल,किंतु रोक लेना मुझको"
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